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विधानसभा की सात सीटों पर होने वाले उपचुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा विरासत की जंग
October 2, 2020 • ASHWANI JAISWAL • उत्तर प्रदेश

विधानसभा की सात सीटों पर होने वाले उपचुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा विरासत की जंग में उलझ गई है। कहीं पत्नी के लिए टिकट मांगा जा रहा है तो कहीं बेटे दावेदारी ठोक रहे हैं। कहीं पत्नी या बेटी में किसी को भी टिकट की पैरोकारी हो रही है। कुछ जगह तो टिकट की दावेदारी को लेकर परिवार में ही खींचतान शुरू हो गई है।

विधानसभा की देवरिया, जौनपुर की मल्हनी, उन्नाव की बांगरमऊ, फिरोजाबाद की टूंडला, अमरोहा की नौगांव सादात, बुलंदशहर व कानपुर की घाटमपुर सीट पर उपचुनाव होना है। इनमें मल्हनी छोड़कर शेष सभी पर 2017 में भाजपा को जीत हासिल हुई थी। मल्हनी से सपा के पारसनाथ यादव जीते थे।
टूंडला से भाजपा विधायक चुने गए डॉ. एसपी सिंह बघेल के आगरा से सांसद निर्वाचित होने के बाद से यह सीट खाली है। उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रकैद की सजा होने से उनकी सदस्यता रद्द हो गई जिससे सीट खाली हो गई है। मल्हनी में पारसनाथ यादव, देवरिया में जनमेजय सिंह, नौगांव सादात में चेतन चौहान, घाटमपुर में कमल रानी वरुण और बुलंदशहर में वीरेंद्र सिंह सिरोही के निधन के कारण उपचुनाव हो रहा है।
परिवार में ही खींचतान
बुलंदशहर सीट पर उम्मीदवार को लेकर भाजपा काफी उलझन में है। वीरेंद्र सिंह सिरोही के दो बेटों दिग्विजय और विनय ने अपना-अपना दावा ठोक दिया है। जानकारी के मुताबिक, परिवार से ही कुछ अन्य लोग भी टिकट चाह रहे हैं। वहीं, पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं का दबाव है कि परिवारवाद के बजाय किसी नए कार्यकर्ता को मौका दिया जाए।

यहां लगभग 20 लोगों ने टिकट का दावा ठोक रखा है। इनमें रविंद्र राजौरा, प्रताप चौधरी, सुंदरपाल तेवतिया, जगदीश दहिया, प्रो. राजीव सिरोही मुख्य हैं। आगरा से भाजपा सांसद डॉ. एसपी सिंह बघेल फिरोजाबाद की टूंडला सीट से अपनी पुत्री सलोनी के लिए टिकट चाह रहे हैं। यहां पूर्व विधायक शिवसिंह चक और आगरा की पूर्व महापौर अंजुला माहौर ने भी दावा ठोक रखा है।

यहां भी ऐसा ही हाल

बांगरमऊ सीट को लेकर भाजपा में खींचतान तेज है। कुछ लोग इस सीट पर जेल में बंद कुलदीप सिंह सेंगर के परिवार के किसी सदस्य को चुनाव लड़ाने के पक्षधर हैं। इनमें कुलदीप की पत्नी संगीता सेंगर का नाम प्रमुख है। पर, पार्टी का दूसरा खेमा इसका विरोधी है। उसका तर्क है कि इससे लोगों में गलत संदेश जाएगा।

वहीं, तटस्थ खेमा पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकांत कटियार के पक्ष में है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि कांग्रेस से ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने के बाद बांगरमऊ में क्षत्रिय या पिछड़े वर्ग के व्यक्ति को ही उतारना ठीक रहेगा। श्रीकांत की दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है। देवरिया सीट पर दिवंगत जनमेजय सिंह के पुत्र अजय प्रताप सिंह के अलावा पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के बेटे शशांक मणि त्रिपाठी, डॉ. अभय मणि त्रिपाठी सहित कई लोगों ने दावेदारी की है।
 
बेटी और पत्नी का दावा

घाटमपुर से स्व. कमल रानी वरुण की पुत्री स्वप्निल ने टिकट मांगा है। यहां से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के रिश्ते में भतीजे पंकज, भरथना की विधायक सावित्री कठेरिया के बेटे धीरेंद्र कठेरिया, क्षेत्रीय मंत्री रहे रामलखन रावत, प्रदेश मंत्री देवेश कोरी और 2012 में प्रत्याशी रहीं गीता सोनकर भी टिकट मांग रही हैं। नौगांव सादात सीट से दिवंगत चेतन चौहान की पत्नी संगीता चौहान टिकट के दावेदारों में शामिल हैं। यहां पूर्व सासंद देवेंद्र नागपाल व कई अन्य भी दावेदार हैं।