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वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के सम्बंध में वर्चुवल मीडिया कार्यशाला का हुआ आयोजन।
July 22, 2020 • ASHWANI JAISWAL • देश

रवि मौर्या

वरिष्ठ अपराध संवाददाता

रांची, झारखंड 22 जुलाई 2020।  वेक्टर जनित रोगों के प्रति जन मानस में जागरूकता लाने हेतु आज एक वर्चुवल मिडिया कार्यशाला का आयोजन स्वास्थ्य विभाग झारखंड और ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज ( जिएचएस ) द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में झारखंड के वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम में राज्य कर्मचारी अधिकारी डॉ बी मरांडी , विश्व स्वास्थ्य संगठन के नेशनल ट्रॉपिकल डिजोजेज ( एनटीडी ) के राज्य समवन्यक डॉ देवेंद्र तोमर, प्रोजेक्ट कांसर्न इटरनेशनल के मोहम्मद कलाम खान, ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज के प्रतिनिधि, अन्य सहयोगी पार्टनर्स  और  मीडिया के सहयोगी पत्रकारों ने किया।

राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय मलेरिया रोधी नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण हेतु कार्यक्रम चलाए जाते है।

झारखंड की भौगोलिक स्थिति के दृष्टिगत एवं विशेषकार  मानसून के दौरान लोगों को वेक्टर जनित रोगों से सुरक्षित रहने की अत्यंत आवश्यकता है। इसके लिए राज्य सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के सम्बंध में महत्वपूर्ण गतिविधियों सम्पन्न कर रही है। कार्यशाला में इन्ही गतिविधियों से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन के एनटीडी के राज्य समवन्य डॉ देवेन्द्र तोमर ने राज्य में वेक्टर जनित रोगों की अघतन स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन के एंटीडी के राज्य समवन्य डॉ देवेन्द्र तोमर ने राज्य में वेक्टर जनित रोगों की अघतन स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि झारखंड राज्य में वेक्टर जनित रोगों से बचाव के लिए सभी तैयारियां गाइडलाइन के हिसाब से की गई है। एमडीए प्रोग्राम की तैयारियों कोरोना के समय मे भी सभी जिलों में समय के साथ चल रही है, और सभी हितधारक इसमें अपना अधिकतम योगदान दे रहे है। फाइलेरिया और कालाजार नामक रोगों का बहुत जल्दी उन्मूलन कर पाएंगे।

कार्यशाला के बढ़ते क्रम में झारखंड के वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य सरकार अधिकारी डॉ बी मरांडी ने बताया कि कोविड-19 महामारी के समय भी वेक्टर जनित रोगों पर नियंत्रण पाने हेतु राज्य सरकार प्रतिबंध है। कोविड19 महामारी की चुनौतीयो के बावजूद राज्य सरकार ने झारखंड के चालू जिलो में मई और जून में कालाजार से बचाव के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया। जिसके साथ-साथ ही राज्य सरकार, मलेरिया  फाइलेरिया , कालाजार आदि वेक्टर जनित रोग से बचाव के लिए भी रणनीत के तहद कार्यक्रम चला रही है ताकि वेक्टर जनित रोगों पर सामुहिक रूप से नियंत्रण किया जा सके। 

उन्होंने बताया कि 10 से 13 अगस्त तक फाइलेरिया उन्मूलन हेतु 17 जिलो में कोविड 19 के आदर्श मनको तथा शोशल डिस्टशिंग ( शारीरिक दूरी) का अनुपालन करते हुवे प्रशिक्षित ड्रग एडमिनिट्रेटर्स के माध्यम से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन एमडीए कार्यक्रम चलाएगा। 13 से 20 अगस्त तक घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम के दौरान 2 साल के बच्चे, गर्भवती महिला और गम्भीर रूप से बीमार लोंगो को छोड़ कर सभी को एमडीए दवाओं का सेवन ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर्स के सम्मुख करना जरूरी है। डॉ बी मंरडी ने बताया की कालाजार के रोगियों के साथ -साथ कालाजार सस्पेक्टेड लोगों को पिला कार्ड दिया जाता है, जिससे उस कालाजार प्रभावित जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में दिखाने पर उपचार के लिये लाइन नही लगना होता है, कार्डधारक का त्वरित उपचार किया जाता है।

राज्य समवन्य अधिकारी डॉ देवेन्द्र तोमर ने बताया कि मास ड्रग एडमिनिट्रेटशन (एमडीए) अभियान के दौरान दी जाने वाली दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित है कुछ लोग जिनके शरीर मे पहले से फाइलेरिया के जीवाणु मौजूद होता है उन्हें यह दवाई खाने पर उनको हल्का सा बुखार, सर दर्द आदि कुछ लक्षण आ सकते है जोकि दवाई के असर करने का संकेत है इन्हें मामूली साइड इफेक्ट भी कहा जा सकता है लेकिन उसमें घबराने की आवश्यकता नही है हमारी प्राथमिकता स्वस्थ केंद्र के पास सभी परिस्थितियों से निपटने के हेतु संसाधन उपलब्ध है। ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज ( जिएचएस ) के अनुज धौस ने मीडिया बंधुओं से आग्रह किया कि उनको यह वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम के प्रति लोगों में जागरूकता हेतु कार्य करें, जिसमे समुदाय के हर वर्ग तक उचित जानकारी और सरकारी उयोजनाओ का लाभ मिल सके। 

प्रोजेक्ट कन्सर्न इंटरनेशनल के मोहम्मद कलाम खान ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन प्राप्त करने हेतु यह जरूरी है कि एमडीए के दौरान अधिक से अधिक लोग एमडीए दवाओं का सेवन करें। उन्होंने एमडीए की सफलता में शोशल मोबिलाइजेशन की भूमिका पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का समापन वेक्टर जनित रोगों के लिए लक्षण के संबंध में मीडिया द्वारा दिए जा रहे सहयोग और भविष्य में भी मीडिया के माध्यम से लोगों का महत्व पूर्ण संदेशों का प्रचार प्रसार कैसे हो, इस पर विस्तृत चर्चा हुई।