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सीएम योगी ने फिर की श्रमिको से अपील, कोई पैदल घर ना आए हम सबको लेकर आएंगे
May 7, 2020 • ASHWANI JAISWAL • उत्तर प्रदेश


लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दूसरे प्रदेश में फंसे श्रमिकों से एक बार फिर अपील की है कि वह पैदल ना आए। हम सबको लेकर आएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रवासी कामगार/श्रमिक पैदल यात्रा कर प्रदेश में न आएं। राज्य सरकार प्रवासी कामगारों व श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  ने निर्देश दिए कि लाॅकडाउन को सख्ती से लागू किया जाए, सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराया जाए, सभी जनपदों में सेनिटाइजेशन का कार्य निरन्तर जारी रखा जाए।

मुख्यमंत्री लखनऊ में अपने सरकारी आवास उच्च स्तरीय बैठक में लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने   विदेश से आने वाले लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग व क्वारंटीन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि क्वारंटीन सेंटरों तथा कम्युनिटी किचन की संख्या बढ़ाई जाए व इनके माध्यम से गुणवत्तापरक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश वापस लौटने वाले प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाए। इसके लिए प्रत्येक क्वारंटीन सेन्टर में मेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्वस्थ होने की दशा में 14 दिन की होम क्वारंटीन के लिए कामगारों/श्रमिकों को घर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य परीक्षण में अस्वस्थ पाए गए लोगों के उपचार की व्यवस्था की जाए। घर भेजे जाने वाले कामगारों/श्रमिकों को राशन किट उपलब्ध कराया जाए। निराश्रितों को राशन किट के साथ-साथ 1000 रुपये का भरण पोषण भत्ता भी दिया जाए। 
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में संचालित औद्योगिक इकाइयों तथा इनके माध्यम से लोगों को उपलब्ध हो रहे रोजगार का विवरण संकलित किया जाए। उन्होंने प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि कामगारों/श्रमिकों को मनरेगा, MSME, ODOP, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, महिला स्वयं सहायता समूह, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण व गौ-आश्रय स्थल से जोड़ने के प्रबंध किए जाएं। दुग्ध समितियों तथा पौध नर्सरी के माध्यम से भी प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाए। महिला स्वयं सहायता समूह को मास्क निर्माण के साथ-साथ अचार, मुरब्बा, जैम, पापड़ आदि कार्यों से जोड़ते हुए इन्हें और प्रभावी बनाया जाए।