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समाजवादियों ने किसान बिल के विरोध में महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा
September 28, 2020 • ASHWANI JAISWAL • उत्तर प्रदेश

 बहराइच सितंबर को समाजवादी पार्टी बहराइच के जिला अध्यक्ष राम हर्ष यादव की नेतृतु में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने किसान बिल पारित होने के विरोध में महामहिम राज्यपाल को जिला अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा और इस बिल को किसान विरोधी बताते हुए  जिला अध्यक्ष राम हर्ष यादव जी  कहा केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों की नीतियों से किसानों और श्रमिकों के हितों को गहरा आघात लग रहा है इन नीतियों से कारपोरेट घरानों को ही फायदा होगा जबकि किसानों और श्रमिकों की बदहाली और बढ़ेगी कृषि और किसान के साथ श्रमिक की कठिन समय में देश की अर्थव्यवस्था को संभालता है पर अब अन्नदाता को ही हर तरह से उत्पीड़न का शिकार बनाया जा रहा है यदि समय रहते कृषि और श्रमिक कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश में खेती बर्बाद हो जाएगी और श्रमिक बंधुआ मजदूर बनकर रह जाएंगे जिले के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जफर उल्लाह खान बंटी ने कहा किसानों के संबंध में भाजपा सरकारों का रवैया पूर्णतया अन्यायपूर्ण है वह खेतों से किसानों का मालिकाना हक छीना चाहती है इससे एमएसपी सुनिश्चित करने वाली मंडिया धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगी किसानों को फसल का लाभप्रद तो दूर निर्धारित उचित दाम भी नहीं मिलेगा फसलों को आवश्यकता वस्तु अधिनियम से बाहर किए जाने से आढतीयो और बड़े व्यापारियों को किसानों का शोषण करना आसान हो जाएगा जिला के कोषाध्यक्ष अब्दुल मन्नान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि  सच तो यह है कि लंबे संघर्ष के बाद किसानों को जो आजादी मिली थी कांटेक्ट खेती से वह देर सवेर फिर पुराने हाल में लौट आएगा और अपनी ही खेती पर मजदूर हो जाएगा तंगहाली में किसान आत्महत्या के लिए विवश होगा पिछले 5 वर्षों में हजारों किसान अपनी जान गवा बैठे हैं  पूर्व विधायक शब्बीर अहमद बाल्मीकी ने बताया गन्ना किसानों का अभी तक 13,000 करोड़ रुपया बकाया है किसान को फसल की लागत से जुड़ी कीमत देने आय दोगुनी करने और सभी का कर्ज माफ करने के वादे जब हवा में रह गए तो भाजपा नेतृत्व के किसानों के समर्थन में दिए गए भाषणों पर कौन भरोसा करेगा,? प्रदेश में  पशु किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं खेत मालिक चौकीदार बन कर रात भर खेत की रखवाली करते हैं सड़कों पर इनके कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं सरकार इनकी रोकथाम के लिए कुछ नहीं कर रही है
नंदेश्वर नन्द यादव ने आरोप लगाया  भाजपा सरकार की नीति देश की संपदा को निजी क्षेत्रों में सौंप देने की है उसकी निजी करण के पूर्वाग्रह के चलते रोजगार की संभावनाएं धूमिल हो चली है कोरोना संकट के दौर में लाखों श्रमिकों का पलायन हुआ उनकी नौकरियां छीन ली संयुक्त राष्ट्र संघ के अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की रिपोर्ट में संकेत है कि कोरोनाकाल में 40 करोड़ रोजगार खत्म हो सकते हैं श्रम मंत्रालय का अनुमान है कि प्रदेश में 14 लाख 62 हजार की संख्या में लोग नौकरी गंवा बैठे अजितेश पाण्डेय का कहना था  कृषि अध्यादेश के बाद भाजपा सरकार श्रमिक विरोधी औद्योगिक संबंध संहिता 2020 विधयेक ले आई है श्रमिक कानून में बदलाव के बाद तो श्रमिकों का शोषण करने का पूरा अधिकार फैक्ट्री मालिकों को मिल जाएगा अभी तक 100 कर्मचारी वाले औद्योगिक प्रतिष्ठान बिना सरकारी मंजूरी लिए कर्मचारियों को हटा नहीं सकते थे नई व्यवस्था में 300 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनी सरकार से मंजूरी लिए बिना जब चाहे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल बाहर कर सकती है जिला सचिव अनवारुल रहमान खान का कहना है  नये प्रोविधान से बड़े फैक्ट्री मालिकों के हाथ में चटनी का हत्यारा गया है इसका दुरुपयोग करके और दबाव डालकर के एक तो कर्मचारी  यूनियन ही बनने नहीं देंगे दूसरे अपने कर्मचारियों को च
छटनी का जब तब भय दिखाकर उन्हें बंधुआ मजदूर बनाकर रखने को स्वतंत्र होंगे भाजपा कर्मचारियों के हितों की हत्या कर मालिकों को मलाई बांटने का काम कर रही है  भाजपा किसानों और श्रमिक वर्ग का मनोबल तोड़ने उन्हें असहाय बनाने की साजिश में जुटी है इससे साबित हो गया है राम जी यादव का कहना है किसानों को फायदा पहुंचाने और श्रमिकों को रोजगार देने के उनके वादे सिर्फ सफेद झूठ है इन कानूनों को वापस लिया जाना चाहिए ऐसी झूठी और प्रपंच रचने वाली सरकार के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है