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पुलिस का समझौता विवाहिता की मौत का बन गया कारण
April 11, 2020 • ASHWANI JAISWAL • उत्तर प्रदेश

कौशाम्बी। करारी थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव में एक विवाहिता ने अपने पहनी साड़ी के पल्लू से पशु बाड़ा में फांसी लगा कर जान दे दिया है सूचना पर पहुँची पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है विवाहिता का ससुराली जनों से विवाद पुलिस थाने तक पहुचा था लेकिन पुलिस ने दोनों पक्ष के बीच समझौता करा दिया पुलिस का समझौता विवाहिता की मौत बन गयी इस मामले में समझौता के समय मौजूद गवाह और पुलिस दोनों पूर्ण रूप से दोषी है

घटना क्रम के मुताबिक करारी थाना क्षेत्र के भैला मखदुमपुर के राम लाल की बेटी सुशीला देवी की शादी इसी थाना क्षेत्र के इब्राहिम पुर गांव के दिनेश कुमार पुत्र राम पाल के साथ हुई थी शादी के बाद ससुराल में विवाहिता का उत्पीड़न शुरू हुआ जिस पर विवाहिता ने पुलिस चौखट पर गुहार लगाई जहाँ विवाहिता को न्याय देने के बजाए पुलिस ने दबाव डाल कर समझौता करा कर उसे ससुराल भेज दिया 

ससुराल में विवाहिता के ऊपर फिर जुल्म ज्यादती होने लगी शनिवार को विवाहिता सुशीला देवी उम्र 30 वर्ष लगभग का शव पशु बाड़ा में फंदे से लटक रहा था जिस साड़ी को उसने पहना था उसी साड़ी को गले मे फसा कर धन्नी के सहारे शव लटक रहा था जिससे विवाहिता की आत्महत्या का मामला संदिग्ध प्रतीत होता है

विवाहिता के सुसर राम पाल का कहना है कि उनकी छोटी बहू सुशील देवी का आए दिन उसकी जेठानी से झगड़ा होता था इस बात की पुष्टि ससुर कर रहे है आज शनिवार की सुबह करीब 8.30 बजे जब ससुर राम पाल अपने पशु बाड़ा की तरफ गए तो उन्होंने देखा कि उनकी छोटी बहू सुशीला देवी ने अपने आप को अपने पहनी साड़ी के पल्लू से धन्नी में फांसी का फंदा बनाकर झूल गई गांव में इस घटना को सुनकर लोगो में सनसनी मच गई 

इस घटना कि जानकारी जैसे ही पुलिस को मिली तो मौके पर अरका पुलिस चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार राय  एवम् करारी थाना यस ओ पहुंचे और लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है


पुलिस के सामने हुए समझौता पत्र में क्यो लिखा गया कि आत्महत्या करने में ससुरालीजन नही माने जाएंगे दोषी ?

कौशाम्बी। विवाहिता सुशीला का पति से विवाद में जब पुलिस ने समझौता कराया और समझौते में तमाम गवाहों ने अपनी सहमति देते हुए हस्ताक्षर किए तो उस समझौता पत्र में यह बात लिखी गयी है कि यदि विवाहिता ने जहर खा कर या फिर फाँसी लगा कर आत्महत्या कर लिया तो उसके पति और ससुराली जन दोषी नही माने जाएंगे अब सवाल उठता है कि दोनों पक्ष में जब पुलिस की मौजूदगी में समझौता हो रहा था तो आखिर विवाहिता के आत्महत्या किये जाने जहर खाने जी बात कहा से उठी और घटना पर ससुरालीजनों ने क्यो अपने को उसी समय निर्दोष मानकर समझौता पत्र में यह बात क्यो लिखी इस सवाल का जवाब पुलिस के पास नही है समझौता पत्र की यह बात गवाहों के साथ ससुरालीजनों के कपट की ओर इशारा कर रही है जो जांच का बड़ा विंदु है।