ALL दुनिया देश शहर और राज्य उत्तर प्रदेश राजनीति खेल क्रिकेट चुनाव बॉलीवुड ज्योतिष
मध्यप्रदेश में बहुमत परीक्षण से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ देंगे इस्तीफा
March 20, 2020 • ASHWANI JAISWAL • देश

मध्यप्रदेश में बहुमत परीक्षण से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ देंगे इस्तीफा, थोड़ी देर में विधायक दल की बैठक
सरकार में मंत्री रहे छह विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर चुके थे विधानसभा अध्यक्ष
मध्यप्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा हम विधानसभा में साबित करेंगे बहुमत

भोपाल ।      मध्यप्रदेश में बहुमत परीक्षण से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इसके बाद 12 बजे प्रेस कांफ्रेंस होनी है जिसमें मुख्यमंत्री अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं। वहीं दिग्विजय सिंह ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा है कि सरकार अब सुरक्षित नहीं है। इसके अलावा गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने बचे हुए 16 बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। जिसके बाद कांग्रेस विधायकों की संख्या घटकर 92 हो गई है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष सरकार में मंत्री रहे छह विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर चुके थे। मध्यप्रदेश में मचे सियासी घमासान के बीच कमलनाथ अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। माना जा रहा है कि बहुमत परीक्षण से पहले सदन में अपनी बात रखकर कमलनाथ दे सकते हैं इस्तीफा। शुक्रवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास पर विधायक दल की बैठक होनी है। जिसके बाद मुख्यमंत्री प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का कहना है कि कांफ्रेंस का इंतजार कीजीए। मध्यप्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, 'इस बार भाजपा ने खरीद फरोख्त नहीं की बल्कि बहुत बड़ी सेंध लगाई है। हम बहुमत साबित कर देंगे। हमारे पास पांचवा फॉर्मूला है। इसके बारे में दोपहर 12 बजे खुलासा होगा। यह बताया जाएगा कि कैसे 16 विधायकों को बंधक बनाकर रखा गया था। दिग्विजय सिंह ने स्वीकार कर लिया है कि अब उनकी सरकार सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि पैसे और सत्ता के दम पर बहुमत वाली सरकार को अल्पमत में लाया गया है। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने गुरुवार देर रात कांग्रेस के 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिए। इन सभी विधायकों ने छह अन्य विधायकों के साथ 10 मार्च को अपना इस्तीफा दिया था लेकिन प्रजापति ने इनके इस्तीफों पर कोई फैसला नहीं लिया था। हालांकि उन्होंने छह अन्य के इस्तीफे मंजूर कर लिए थे। ये सभी 16 विधायक अभी बंगलूरू में ठहरे हुए हैं।