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भव्य राममंदिर निर्माण के साथ-साथ अयोध्या को सजाने व संवारने की भी योजना
September 28, 2020 • ASHWANI JAISWAL • उत्तर प्रदेश

श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर निर्माण के साथ-साथ अयोध्या को सजाने व संवारने की भी योजना अब गति पकड़ने लगी है। प्रदेश सरकार अयोध्या को पर्यटन के क्षेत्र में नया आयाम देने के लिये अयोध्या पावन पथ योजना पर काम कर रही है। इस योजना को साकार रूप देने के लिये सरकार ने एक कमेटी भी बनाई है, जो सभी तीर्थ स्थलों को जोड़कर उनका विकास ही नहीं करेगी बल्कि उसे पर्यटन के क्षेत्र में सुविधाजनक भी बनाएगी।

इस योजना के तहत रामनगरी के प्रतिष्ठित मंदिरों व कुंडों को चिह्नित कर उन्हें भव्यता प्रदान की जाएगी। अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण के साथ ही योगी आदित्यनाथ सरकार पर्यटन के क्षेत्र में अयोध्या को विकसित करने का प्लान बना रही है। इसी के तहत पर्यटन विभाग अयोध्या के तीर्थ स्थलों को जोड़कर अयोध्या पावन पथ योजना पर काम कर रहा है।
इस योजना में राम की नगरी के सभी कुंडों को सुंदर बनाने के साथ ही मठ-मंदिरों को सजाया और संवारा जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही इस योजना के तहत रामनगरी के प्रतिष्ठित मंदिरों को चिन्हित किया जा रहा है अभी करीब 250 प्रतिष्ठित और अति महत्वपूर्ण मंदिरों की सूची तैयार की गई है।
जिन्हें सजाने और संवारने के साथ पर्यटन की दृष्टि से सुविधाजनक बनाने के लिए काम अब तेजी से शुरू किया जाएगा। वहीं योजनाओं के क्रियान्वयन कराने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा एक कमेटी भी बनाई गई है जिसमें हर विभागों के अधिकारी शामिल हैं। यह कमेटी अयोध्या के समुचित, समन्वित विकास की योजनाओं की निरंतर समीक्षा करेगी और इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री तक पहुंचाएगी। 
सभी धर्मों की उपासना स्थली है रामनगरी 
रामनगरी सभी धर्मों की उपासना स्थली है, इसे सांझी संस्कृति की विरासत यू हीं नहीं कहा जाता। यह हिंदूओं सहित जैन, बौद्घ, सिख व मुस्लिम धर्म की भी उपासना स्थली मौजूद हैं। अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मभूमि तो है ही यहां पांच जैन तीर्थंकरों ने भी जन्म लिया है।
 
सिख गुरूओं की स्मृति की भी साक्षी अयोध्या है। यहां रामजन्मभूमि के अतिरिक्त हनुमानगढ़ी, कनकभवन, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, छोटी देवकाली, स्वामी नारायण मंदिर, दिगंबर जैन मंदिर, गुरूद्वारा ब्रह्मकुंड सहित अन्य ऐसे स्थल हैं जो रामनगरी की पौराणिकता के गवाह हैं।

नेशनल डाटा बेस तैयार कर रही सरकार
केंद्र और प्रदेश सरकार अयोध्या में पर्यटन को बढ़ावा देने की हर संभव कोशिश में जुटी है। आवासीय, यात्रा और जलपान जैसी पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था को सुलभ करवाने के लिए सरकार नेशनल डेटाबेस तैयार कर रही है। प्रदेश सरकार ने अवर्गीकृत होटलों, लॉज, गेस्ट हाउसों, होमस्टे और अन्य आवासीय इकाइयों का पंजीकरण शुरू किया गया है। 
कुंडों के विकास के लिए 60 करोड़ का प्रोजेक्ट 
अयोध्या की प्राचीनता के गवाह पौराणिक कुंडों के विकास के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। नोड अर्बन लैब को इसका प्रोजेक्ट बनाने का निर्देश दिया गया है। इस योजना के शुरुआती चरण में दशरथ कुंड, अग्नि कुंड, सीता कुंड, खुर्ज कुंड, विद्या कुंड, गणेश कुंड, हनुमान कुंड का प्रस्ताव बनाया गया है।
 
अयोध्या को पयर्टन की दृष्टि से दिव्य व भव्य बनाने के लिए पावन पथ योजना पर काम शुरू हो चुका है। इस योजना को साकार रूप देने के लिये सरकार ने एक कमेटी भी बनाई है, जो सभी तीर्थ स्थलों को जोड़कर उनका विकास ही नहीं करेगी बल्कि उसे पर्यटन के क्षेत्र में सुविधाजनक भी बनाएगी। पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था को सुलभ करवाने के लिए सरकार नेशनल डेटाबेस भी तैयार कर रही है। - आरपी यादव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी