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आजमगढ़ में खराब मौसम की वजह से चार्टर्ड एयरक्राफ्ट हुआ क्रैश
September 21, 2020 • ASHWANI JAISWAL • उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सोमवार सुबह करीब 11 बजे खराब मौसम के कारण एक चार्टर्ड एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया। हादसे में एक ट्रेनी पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। क्रैश होने से एयरक्राफ्ट के छोटे-छोटे टुकड़े हो गए, और मलबा कई खेतों में फैल गया। पायलट का शव एयरक्राफ्ट के मलबे से करीब 300 मीटर की दूरी पर मिला।

क्रैश होने की आवाज सुन ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में भीड़ मौके पर जमा हो गई। सरायमीर थाने और आसपास की पुलिस भी सूचना के बाद मौके पर पहुंच गई। विमान रायबरेली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से सुबह नौ बजे उड़ा था। 11 बजे तक वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की रडार पर था, इसके बाद संपर्क टूट गया था।
पायलट की पहचान कोणार्क शरन(21) के रूप में हुई है। एसपी सुधीर कुमार सिंह के साथ ही अन्य अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। मामले की जानकारी वाराणसी एयरपोर्ट और रायबरेली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी को दे दी गई है। जांच के लिए टीमें आ रही हैं।

आजमगढ़ में सुबह 10.30 बजे से ही मौसम खराब होना शुरू हो गया था। तेज हवाओं के साथ ही बारिश हो रही थी। साथ ही बिजली भी कड़क रही थी। इस दौरान लगभग सवा 11 बजे सरायमीर थाना क्षेत्र के कोलपुर कुसहां और मंजीरपट्टी के बीच सीवान में तेज धमाके के साथ कुछ गिरने की आवाज आई। इसके बाद लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। खराब मौसम में एक विमान क्रैश हुआ था।

सूचना के बाद सरायमीर थाने के साथ ही आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। विमान हादसे की सूचना क्षेत्र में आग की तरह फैलने मौके पर सैकड़ों की संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई। विमान कोलपुर कुसहां में धान और ईंख के खेतों के बीच गिरा था। बारिश के कारण रास्तों पर कीचड़ और खेतों में पानी होने से मौके पर पहुंचने में काफी परेशानी हुई।

गांव के पास पायलट का शव मिला। इससे तीन सौ मीटर दूर हरेंद्र, महेंद्र और राजेंद्र के खेत में विमान का मलबा मिला। पुलिस ने भीड़ को किसी तरीके से नियंत्रित किया और शव को निकलवाया। पुलिस ने वाराणसी एयरपोर्ट से संपर्क किया तो पता चला कि विमान रायबरेली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से सुबह नौ बजे उड़ा था।

11 बजे तक वाराणसी हवाई अड्डे की रडार में था, इसके बाद संपर्क कट गया था। रायबरेली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से जानकारी ली गई तो पता चला कि ये ट्रेनिंग के लिए प्रयोग किए जाने वाला टू-सीटर चार्टर्ड एयरक्राफ्ट है। इससे कोणार्क शरन(25) ने सुबह 9 बजकर 20 मिनट पर उड़न भरी थी।