कोरोना संकट के दौरान डिग्री कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा डिजिटल लाइब्रेरी दूसरे प्रदेशों के लिए बनेगी मॉडल


कोरोना संकट के दौरान डिग्री कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा डिजिटल लाइब्रेरी दूसरे प्रदेशों के लिए मॉडल बनेगी। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से स्थापित इस लाइब्रेरी की मदद से विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। एक महीने के दौरान 1500 शिक्षकों ने लाइब्रेरी में 78 विषय की 11 हजार से अधिक पाठ्य सामग्री अपलोड की हैं। इसके लिए विभाग ने प्रत्येक विषय के लिए एक विश्वविद्यालय को नोडल विश्वविद्यालय बनाया है। 


विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग ने बताया कि लाइब्रेरी में पाठ्य सामग्री को अपलोड करने से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच की जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय के डीन या विभागाध्यक्ष की होगी। उन्होंने बताया कि विभाग की यह पहल ऑनलाइन शिक्षा में सफल हो रही है। दूसरे प्रदेश भी इसकी जानकारी जुटा रहे हैं। विद्यार्थी और शिक्षक पाठ्य सामग्री डाउनलोड कर कभी भी कहीं से भी पढ़ सकते हैं। प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों के साथ राजकीय और निजी महाविद्यालय लाइब्रेरी में अधिक से अधिक अपलोड करने में मदद कर रहे हैं। 
 25 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने लिया लाभ 
 मुख्य सचिव ने बताया कि अब तक 25 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ उठाया है। लाइब्रेरी से संबंधित समस्या के समाधान के लिए एक हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। डिजिटल लाइब्रेरी में भौतिक विज्ञान- 1010, तकनीकी विषय-871, सामाजिक विषय-788, विधि-786, रसायन विज्ञान-615, कंप्यूटर साइंस-553, प्रबंधन-552, वाणिज्य-473, पुस्तकालय विज्ञान-410, गणित-410, वनस्पति विज्ञान-410, बी फार्मा- 310, जंतु विज्ञान-278, मनोविज्ञान-256, कृषि - 207 और अन्य विषय की 100 पाठ्य सामग्री अपलोड की गई हैं।